जनसरोकार के ऐतिहासिक महाकुंभ हेतु मुख्यमंत्री निवास से मिला आत्मीय समर्थन
Heartfelt support received from Chief Minister's residence8
अम्बिकापुर विश्राम गृह में श्रीमती कौशल्या साय से “द एक्टिविस्ट” व “जन सरोकार” टीम की खास मुलाकात
जनचेतना, पत्रकारिता और सामाजिक सरोकार का सबसे बड़ा मंच बनेगा अंबिकापुर, देशभर की निगाहें आयोजन पर
अम्बिकापुर | विशेष प्रतिनिधि। पत्रकारिता, जनसरोकार और सामाजिक चेतना के ऐतिहासिक महाकुंभ की तैयारियों के बीच “द एक्टिविस्ट” एवं “जन सरोकार” की टीम ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी की धर्मपत्नी आदरणीय श्रीमती कौशल्या साय (कौशल्या देवी) से अम्बिकापुर विश्राम गृह में आत्मीय मुलाकात की। यह मुलाकात आयोजन की दृष्टि से बेहद सकारात्मक, प्रेरणादायक और उत्साहवर्धक रही।
मुलाकात के दौरान टीम ने आगामी 30 एवं 31 मई को माता राजमोहनी भवन, अंबिकापुर (छत्तीसगढ़) में आयोजित होने जा रहे ऐतिहासिक “साउथ एशिया जन सरोकार सम्मान 2026” एवं “द एक्टिविस्ट नेशनल अवार्ड 2026” में शामिल होने हेतु औपचारिक निमंत्रण प्रदान किया।
इस अवसर पर पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक पड़ाव और वर्तमान समय में समाज के प्रति पत्रकारिता की भूमिका को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई। आयोजन समिति ने बताया कि यह महाकुंभ केवल सम्मान समारोह नहीं, बल्कि जनसरोकार, सामाजिक चेतना और पत्रकारिता के भूत, वर्तमान एवं भविष्य पर केंद्रित एक राष्ट्रीय महापंचायत होगा, जहां देश के दर्जनों राज्यों से पत्रकारिता, समाजसेवा, शिक्षा, संस्कृति, कला और जनआंदोलन से जुड़े प्रतिष्ठित चेहरे एक मंच पर एकत्रित होंगे।
मुलाकात के दौरान श्रीमती कौशल्या साय जी का सरल, सहज और सादगीपूर्ण व्यक्तित्व टीम के लिए विशेष रूप से प्रेरणादायक रहा। सामाजिक कार्यों में उनकी सक्रिय भागीदारी और जनहित के प्रति संवेदनशील सोच ने इस संवाद को और अधिक सार्थक बनाया। टीम द्वारा इस दौरान प्रसिद्ध कथा वाचक श्री प्रदीप मिश्रा (सीहोर वाले) के साथ प्रस्तावित विशेष कार्यक्रम को लेकर भी चर्चा की गई।
कार्यक्रम के मूल विषयों और समाज में सकारात्मक परिवर्तन के उद्देश्य को संज्ञान में लेते हुए श्रीमती कौशल्या साय जी ने “जन सरोकार” एवं “द एक्टिविस्ट” टीम द्वारा किए जा रहे रचनात्मक प्रयासों की सराहना की तथा आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएं भी दीं।
आयोजन समिति ने यह भी जानकारी दी कि भविष्य में पत्रकारिता, शिक्षा, संस्कृति और सामाजिक जागरूकता से जुड़े कई बड़े कार्यक्रम एवं समारोह आयोजित किए जाएंगे, जिनसे क्षेत्र और समाज के बीच सकारात्मक बदलाव की नई संभावनाएं मजबूत होंगी।
अंबिकापुर की धरती पर होने जा रहा यह आयोजन अब केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना, पत्रकारिता और जनसरोकार के नए युग की एक ऐतिहासिक शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।